औरंगाबाद: सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय से कथित तौर पर रात के अंधेरे में फाइल और कागजात ले जाने के मामले में पूर्व वरिष्ठ लिपिक कृष्ण कुमार वर्मा को नगर थाना पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, हिरासत और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार, सिविल सर्जन कार्यालय से संबंधित कागजात बाहर ले जाने की सूचना के बाद मामले की जांच शुरू की गई। आरोप है कि कृष्ण कुमार वर्मा ने रात के समय कार्यालय से महत्वपूर्ण फाइलें ले जाने का प्रयास किया। घटना के पीछे उनका उद्देश्य क्या था और कौन-कौन से दस्तावेज ले जाए जा रहे थे, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि कृष्ण कुमार वर्मा को 14 जुलाई को निलंबित किया गया था। वर्तमान में वह निलंबन अवधि के दौरान गोह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में लिपिक पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। ऐसे में सिविल सर्जन कार्यालय से फाइल ले जाने का मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
दो जगह नौकरी करने के आरोप की भी जांच की मांग
मामले से जुड़ा एक अन्य आरोप भी सामने आया है। पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कृष्ण कुमार वर्मा पर कथित रूप से दो स्थानों पर नौकरी करने से संबंधित मामले की जांच के लिए जिला पदाधिकारी को पत्र लिखा था। उन्होंने इस मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।
हालांकि, दो जगह नौकरी करने से संबंधित आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
लिखित आवेदन मिलने के बाद होगी कार्रवाई
नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पड़ताल कर रही है।
अब मामले में सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से दिए जाने वाले लिखित आवेदन और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फाइल ले जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में कानूनी कार्रवाई की वास्तविक स्थिति क्या है।