एक्वेरियम: परिवार की सुख-समृद्धि में वृद्धि के साथ-साथ खुशनुमा माहौल बनाता है

Spread the love

पटना। आमतौर पर  एक्वेरियम को सजावट की वस्तु ही समझा जाता है लेकिन वस्तुतः एक्वेरियम सजावट के अलावा वास्तु या फेंगशुई  की दृष्टि से भी आम जीवन में महत्वपूर्ण मानी गई है । हर गृहणी की यह सोच होती है कि उसका घर सबसे अलग, सबसे सुंदर हो। जो देखें वह उसकी तारीफ करें।  इन दिनों जिन चीजों का इस्तेमाल घर की आंतरिक सजावट में करते हैं उनमें से एक है। ”फिश एक्वेरियम” घर में एक्वेरियम रखते समय वास्तु शास्त्र में कहे कुछ बातों का ध्यान रखकर अपने व अपने परिवार की सुख-समृद्धि में वृद्धि के साथ-साथ परिवार में खुशनुमा माहौल बना सकते हैं ।  यूं तो मछली को भगवान विष्णु का पहला अवतार माना गया है और जल तो चंद्रमा का द्योतक है ही। वैसे भी पानी एक अच्छा घोतक है,  इस कारण पानी बुरी उर्जा को सोख लेती है।

एक्यूरियम को कहां रखे व उस से होने वाले फायदे:

  • जल का स्थान उत्तर दिशा में है। सभी नदियों का उद्गम भी उत्तर दिशा ही है, अर्थात उत्तर दिशा ( जोकि कुबेर का वास दिशा है ) में एक्वेरियम रखने से आपके परिवार की आर्थिक समृद्धि होगी।            
  • उत्तर – पूर्व दिशा में एक्वेरियम रखने से बच्चों में अच्छे संस्कार, पढ़ाई व कैरियर में सुधार की संभावना रहती है।
  • एक्वेरियम को कभी भी दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण -पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में नहीं रखें।
  • एक्वेरियम को मुख्य द्वार के पास बिल्कुल भी ना रखें किंतु ऐसा रखें ताकि घर में प्रवेश करते ही उस पर नजर पड़े। कहते हैं हर बुरी उर्जा को पानी सोख लेती है। घर में प्रवेश के समय ही नकारात्मक ऊर्जा एक्वेरियम में रखे पानी द्वारा सोख लिया जाता है।
  • एक्वेरियम को हमेशा ड्राइंग रूम या लॉबी में रखना चाहिए । अपने बेडरूम में कभी भी एक्वेरियम ना रखें इससे मानसिक अस्थिरता और नींद में बाधा आ सकती है।
  • एक्वेरियम में कम से कम 9 मछलियां होनी चाहिए।इनमें आठ पीला लाल या गोल्डन (सुनहला) रंग की तथा एक काली रंग की मछली रखनी चाहिए। काली रंग की मछली को “मास्टर फिश “भी कहा जाता है जो एक्वेरियम के जल को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही साथ बुरी नजर से भी बचाती है।
  • चाइनीस वास्तु शास्त्र अर्थात फेंगशुई की मान्यता के अनुसार यदि किसी कारणवश एक्वेरियम में कोई मछली मर जाती है, तो यह समझना चाहिए कि वह हमारे ऊपर आए किसी दुर्भाग्य को अपने साथ ले गई ।
  • एक्वेरियम का पानी अगर गंदा हो जाए तो उसे तुरंत बदलने की व्यवस्था जरूर करें क्योंकि गंदा पानी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है और वास्तु के अनुसार घर के किसी भी हिस्से में गंदा पानी अशुभ का घोतक है। यह भी ध्यान रखें कि पानी हमेशा गतिशील हो अर्थात रुका हुआ ना हो।
  • यदि किसी कारण से आपको लंबे समय के लिए घर से बाहर जाना हो तो एक्वेरियम में पालक की 1- 2 पत्तियां उबालकर डाल देनी चाहिए। इससे मछलियों को उनकी खुराक मिलती रहेगी। आजकल कुछ दिनों का या कुछ सप्ताह का टिकिया भी बाजार में उपलब्ध है।
  • कुछ लोग एक्वेरियम में कछुआ भी रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु का दूसरा अवतार कछुआ ही था इस कारण इसे शुभ भी माना जाता है। यह न केवल भारतीय वास्तु शास्त्र में बल्कि चाइनीस फेंगशुई में भी कछुआ को शुभ माना जाता है। कछुआ शांत,  मंद गति से चलने वाला दीर्घायु प्राणी होता है। यह शुद्धता का भी प्रतीक माना जाता है । इसे घर में रखने से घर का आर्थिक दोष दूर होता है। ऑफिस या कार्यस्थल पर रखने से कामयाबी व धन प्राप्त होती है। किंतु एक साथ दो-दो कछुआ या प्रतीक चित्र नहीं रखनी चाहिए। साथ ही साथ यह भी ध्यान रखें कि कछुआ ज्यादा बडा ना हो अन्यथा वह मछलियों के रहने के स्थान एवं उनके भोजन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेगा। इससे मछलियां असहज हो जाएगी । इतना ही नहीं बड़ा कछुआ कभी-कभी छोटी मछलियों को आघात भी पहुंचा सकता है।  अतः कछुआ के बड़े होने पर उसे किसी नदी या तालाब में छोड़ देना चाहिए।
  • कभी-कभी मछलियों में से भी, कोई एक बड़ी मछली अन्य छोटी मछली को परेशान करने लगे या हिंसक हो जाए तो ऐसी मछली को नदी में छोड़ देना चाहिए और उसके स्थान पर कोई दूसरी मछली ले आना चाहिए।
  • यात्रा के समय जाते समय जल से भरे पात्र या बर्तन में मछलियों का दर्शन शुभ माना जाता है ।
  • बदलते मौसम, अत्याधिक सर्दी या अत्यधिक गर्मी के दिनों में एक्वेरियम में जल का तापमान सामान्य बनाए रखने के लिए उचित प्रबंध करना चाहिए। बदलते मौसम में ही एक्वेरियम में फंगस आदि लगता है।
  • जहां एक्वेरियम रखा गया हो वहां अत्याधिक तरंग आदि का उत्सर्जन ना हो । टीवी, मोबाइल, स्टेबलाइजर,   यूपीएस, मोबाइल चार्जर, कॉर्डलेस फोन आदि एक्वेरियम के पास ना रखें वरना मछलियों के मृत्यु दर में तेजी आ सकती है।
  • सुबह सोकर उठने के बाद परिवार के सभी सदस्यों को सबसे पहले एक्वेरियम में रखी मछलियों को देखना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और दिन भर के कार्यों में सफलता मिलती है।
  • आपके पास एक्वेरियम रखने की जगह नहीं है तो विकल्प के रूप में आजकल बाजार में क्रिस्टल या शीशे की बनी डॉल्फिन, जंपिंग फिश या कछुआ की आकृति भी उपलब्ध है। इन सभी चीजों को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में ही ड्राइंग रूम में,  लॉबी या स्टडी रूम में रख सकते हैं।
  • हमेशा ध्यान दें घर या ऑफिस /कार्यस्थल पर कभी भी खाली एक्वेरियम ना रखें। यह सूनापन व उदासी का घोतक है।

-धर्मबीर कुमार


Spread the love

MediaDarshan

Read Previous

कोरोना मुक्ति और आरोग्य का वर मांग छठ व्रत संपन्न

Read Next

चोरी का विरोध करने पर चोरों की पिटाई से घायल युवक की मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *