mediadarshan

UPSC: टैक्सी ड्राइवर का बेटा बना IAS ऑफिसर, पढ़िए गरीबी से निकले युवक की कहानी

UPSC: यूपीएससी की परीक्षा पास करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। इसके लिए काफी परिश्रम करना पड़ता है। एक छोटे से गांव यवतमाल के अज़हरूद्दीन की यूपीएससी जर्नी तो संघर्ष से भरी थी। उनका जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ जहां उनके पिताजी टैक्सी चलाते थे और घर के एकमात्र अर्निंग मेम्बर थे. माता जी हाउस वाइफ थी और पढ़ाई का शौक रखती थी.

 

 

 

 

 

IAS Success Story: गांव की पहली पढ़ी-लिखी लड़की, ससुराल में हुई पिटाई तो बन गई आईएएस अफसर

 

 

 

वही अज़हरूद्दीन घर के सबसे बड़े बेटे हैं. उनसे छोटे उनके तीन भाई और हैं यानी कुल चार भाई और माता-पिता से मिलकर बना छः लोगों का यह परिवार है. उनकी माती जी की काफी उम्र में ही शादी हो गई थी इसलिए वे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं. हालांकि उन्होंने अपने इस सपने को बच्चों के साथ पूरा किया और सबकी पढ़ाई का जिम्मा खुद उठाया. दरअसलBihar IAS Officer Success Story: UPSC की तैयारी के लिए पिता ने बेचा घर और मां ने गिरवी रखे गहने, तब जाकर बेटा बना IAS ऑफिसर परिवार के पास इतना पैसा ही नहीं था कि बच्चों को औपचारिक शिक्षा दिलायी जा सके. अज़हरूद्दीन और बाकी तीनों भाइयों की शुरुआती शिक्षा यवतमाल में ही साधारण सरकारी हिंदी मीडियम स्कूल से हुई.

 

 

 

 

 

 

UPSC: जानिए अजहरुदीन ने क्या कहा

 

 

 

 

 

 

 

बता दें, अज़हरूद्दीन बताते हैं कि उनकी मां ने चारो बच्चों को क्लास दस तक पढ़ाया, क्योंकि किसी कोचिंग या ट्यूशन के पैसे उनके पास नहीं थे. आगे चलकर अज़हरूद्दीन ने कॉमर्स Janhvi Kapoor New Hot Pics: देखिए ग्रीन ड्रेस में जान्हवी कपूर का स्टनिंग अवतार, कैमरे के सामने दिए एक से बढ़कर एक पोज़विषय चुना और इसी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इस दौरान वे एक प्राइवेट जॉब भी कर रहे थे. बावजूद इसके दिन पर दिन घर के आर्थिक हालात और खराब हो रहे थे और अज़हरूद्दीन के भाइयों की पढ़ाई खतरे में पड़ रही थी. इसी बीच साल 2010 में उन्होंने दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी का मन बनाया. इस क्षेत्र में जाने के पीछे कारण था, किसी कार्यक्रम में हुई एक आईपीएस अधिकारी से मुलाकात जिससे वे बहुत प्रभावित हुए.

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Advertisment

Scroll to Top