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Success Story: पिता करते थे दिहाड़ी मजदूरी, बेटे ने हिंदी मीडियम से पढ़कर पास की UPSC परीक्षा

Success Story: पूत के पांव पालने में ही समझ आने लगता है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के रहने वाले मुक्तेंद्र कुमार की भी कहानी ऐसी ही है. आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुक्तेंद्र कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा पास करके नाम रोशन किया है.

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बता दें, मुक्तेंद्र के पिता परिवार चलाने के लिए ईंट भट्टी में मजदूरी का काम करते थे. लेकिन अब इस सफलता के बाद हर कोई इस परिवार को बधाई दे रहा है. एक समय ऐसा भी था जब मुक्तेंद्र कुमार के घर की छत बारिश में टपकती रहती थी. घर के हालत इतने अच्छे नहीं थे कि उसे सुधरवा सकें. इन हालातों ने मुक्तेंद्र को जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए मोटिवेट किया और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा 2022 में 819वीं रैंक हासिल की. मुक्तेंद्र ने लगातार तीन साल यूपीएससी की तैयारी की और अपने दूसरे ही प्रयास में यह परीक्षा पास कर ली.

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मीडिया से बात करते हुए मुक्तेंद्र ने बताया कि, पहले वह केवल SSC एग्जाम के बारे में जानते थे, लेकिन जब उन्हें UPSC के बारे में पता चला तो, उन्होंने इसे निकालने का निश्चय कर लिया. अब ऐसे में जब वह परीक्षा पास कर चुके हैं तो सबसे पहले वह अपने घर और परिवार की हालत सुधारना चाहते हैं. खास बात यह है मुक्तेंद्र ने हिन्दी मीडियम से यूपीएससी की परीक्षा पास की है. मुक्तेंद्र की कहानी, यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है.

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