लॉकडॉउन में ऑनलाइन स्टडी हैं विधार्थी के लिए बेहतर विकल्प: डॉ अमित मिश्रा

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रोहतास। देश में कॉरोना से उत्पन त्रादशी ने हर क्षेत्र को प्रभावित हैं शिक्षा का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा। स्कूल , कॉलेज, विश्व विद्यालय  सभी इसकी गिरफ्त  में आ गए हैं जिससे देश भर के संस्थान सहित अध्यापक, छात्र, अभिभावक सब प्रभावित हैं उक्त बातें गोपाल नारायण सिंह विश्व विद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमित मिश्रा ने बातचीत के दौरान बताया। इस दरम्यान छोटे बच्चो से लेकर बड़े विद्यार्थी भी अपनी पढ़ाई पूरी करने की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं बहरहाल इस समय सूझ बूझ और संयम के साथ संकट से लड़ना सबके लिए जरूरी है। इस आपदा को हम सब, खासकर विद्यार्थियों को सकारत्मक तरीके से लेकर समय का उपयोग करना होगा। अपने अधूरे पाठ्यक्रम को ऑनलाइन स्टडी  के साथ पूरा  करने की कोशिश करें। साथ ही  जिन विषयों में छात्र अपने को कमजोर समझते हैं । उसे स्व-अध्ययन प्रणाली के माध्यम से मजबूत कर सकते हैं। इस खाली समय में उस विषय को ज्यादा समय दे जो आपके लिए कठिन है। छात्र ऑनलाइन के माध्यम से क्रिएटिव स्टडी को विकसित करे। अकसर देखा जाता हैं कि छात्र कुछ विषय को कठिन और बोझिल समझते हैं परन्तु यदि विधार्थी उक्त विषय से दोस्ती कर ले और उस विषय में अपनी रूचि जागृत करें तो सफलता की संभावना बढ़ जाती हैं। अभी बहुत सारे संस्थान  ऑनलाइन स्टडी की मुफ्त सेवा कॉलेज स्टूडेंट्स को दे रहे हैं इससे खासकर वोकेशनल कोर्स के छात्र ऑनलाइन स्टडी कर हर समस्या का समाधान पा सकते हैं तकनीकी शिक्षा के छात्र अपने विषय को क्रमवार और छोटे छोटे टुकड़े में बांटकर पढ़े साथ ही लिखकर और बोलकर पढ़ने की आदत विकसित करे क्योंकि ऐसा करना वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें एक साथ आपके कई ऑर्गन आपकी याददाश्त बढ़ाने में मदद करते हैं। जब आपके मुंह से ध्वनि निकलती हैं तो वह आपके ब्रेन के नर्वस सिस्टम से टकराता है और उस विषय को देर तक अपने पास सुरक्षित रखता है और फिर यदि आप कुछ अंतराल के बाद दोबारा उसको कॉपी पर लिखकर प्रैक्टिस करे तो उसे हमेशा के लिए याद रख सकते हैं छोटे बच्चो के लिए बोलकर पढ़ना और फिर लिखना ज्यादा कारगर है।  बोलकर पढ़ना एक मानसिक एक्सरसाइज भी माना जाता है छात्र जो भी पढ़े उसे अवश्य लिखें। उच्च शिक्षा के लिए अभी यूजीसी सहित देश के कई विश्व विद्यालय और संस्थानों ने अपने विधार्थी के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधाएं उपलब्ध कराई है उनमें से एक है गोपाल नारायण सिंह विश्व विद्यालय, ऐसा इसलिए ताकि स्टूडेंट्स घर से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। वहीं दूसरी ओर कई ऐसे एप्लीकेशन भी है जिन्हें स्टूडेंट फ्री में डाउनलोड कर पढ़ाई कर रहे हैं। अभी देश में वैसे स्टूडेंट्स भी है जिन्होंने मैट्रिक और इंटमीडिएट पास किया है और अन्य जगहों पर एडमिशन लेने की सोच रहे हैं उनके एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी लिए छात्रों के पास ऑनलाइन अच्छा विकल्प है वहीं दूसरी तरफ गोपाल नारायण सिंह विश्व विद्यालय ने अपने विधार्थी और अध्यापक के लिए एक ऑनलाइन स्टडी प्लेटफॉर्म तैयार किया है जिसका  लाभ छात्रों और शिक्षकों द्वारा लिया जा रहा है। वहीं अन्य बुद्धिजीवियों का मानना है कि हर चीज के दो पहलू होते हैं पॉजिटिव और नेगेटिव, इस लोकडाउन को विधार्थी सकारत्मक रूप में ले और ऑनलाइन पढ़ने की कोशिश करें। ऑनलाइन स्टडी से पढ़ना बहुत आसान है साथ ही छात्र इस खाली समय को अच्छे साहित्य  अध्ययन में लगाए। पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए रुचिकर साहित्य जरूर पढ़े। रोचक साहित्यों का अध्यन विद्यार्थियों में पढ़ने की इच्छा बढ़ाते हैं। क्योंकि साहित्य जहां रुचि पैदा करता है वहीं नए विचारों को भी जागृत करता है विद्यार्थियों को साहित्य पढ़ना चाहिए। अभिभावक इस समय का उपयोग बच्चो के साथ बच्चा बनकर बच्चो की क्रिएटिविटी बढ़ाने में उनकी मदद भी कर सकते हैं जिससे बच्चो के साथ वे स्वयं को सुरक्षित रख पाएंगे और कारोना के प्रभाव से देश भी बचेगा।

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