सूबे में पूर्ण शराबबंदी के बाद भी खुलेआम बिक रही चुलाई शराब

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   एसपी को सूचना देने पर हुई त्वरित करवाई, पूर्व में भी प्रकाशित हुई थी खबर

नरकटियागंज। बिहार में पूर्ण रूप से शराब बंदी के बावजूद भी खुलेआम चुलाई शराब का निर्माण व  बिक्री होना तथा प्रशासन को सूचना देने के बाद भी कार्यवाही का ना होना प्रशासन को सवालियाँ घेरे में खड़ा कर रही है। आपको बता दें कि विगत 6 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसकी सत्यता लेने के बाद मीडिया दर्शन ने प्रमुखता से उस खबर को चलाया. उक्त वीडियो में बताया गया है कि एक समाजसेवी द्रारा  शिकारपुर थाना क्षेत्र के छोटका  मुरली गांव में ग्राहक बनकर शराब कारोबारी की सच्चाई प्रशासन के सामने लाने के लिए पहुँच जाता है. शराब कारोबारी सिकंदर राम से शराब की मांग की जाती है और शराब सिकंदर राम के द्रारा लाते हुए वीडियो बनाया जाता है, उक्त वीडियो प्रशासन को देते हुए सूचित किया जाता है. जिसके पश्चात प्रशासन कार्यवाई करने का आश्वासन भी देती है. वही वायरल विडियो पर विगत 8 अप्रैल को मीडिया दर्शन अखबार मे प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने के बावजूद प्रशासन हरकत में नहीं आई. मामला यही नहीं थमता, 12 अप्रैल के रोज एक और विडियो उसी गाँव छोटका मुरली का वायरल होता है, जिसमें रंजीत राम नामक व्यक्ति द्रारा शराब बेचीं जा रही है, हालाँकि इस वायरल विडियो की पुष्टि मीडिया दर्शन अखबार नहीं कर रही है, लेकिन उक्त  सोशल मीडिया प्रकाशित आईडी से जानकारी लेने के बाद पता चला कि यह वीडियो भी वहीँ का है. वीडियो में उक्त कारोबारी द्रारा स्वीकारा भी जाता है कि यहाँ चुलाई शराब बहुत दिनों से बनाया जाता है और इस कारोबार के एवज में वह कई बार जेल भी जा चुका हैं, लेकिन फिर जेल से बाहर आ जाता है, और पुनः कारोबार में संलिप्त हो जाता है. जान पड़ता है कि यही उसके जीविका का साधन बन गया है. दूसरी तरफ ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानिय प्रशासन को कई बार सूचित किया गया, लेकिन कोई कार्यवाई नहीं होती. अलबत्ता इन कारोबारियों का मनोबल सातवें आसमान पर है, बहरहाल उक्त समाजसेवी द्रारा इन कारोबारियों का पर्दाफाश किया जा रहा है. सबसे बड़ा सवाल तो यहाँ बनता है कि एक समाजसेवी जो कि बिहार सरकार की पूर्णशराब बंदी की अवहेलना का  उद्भेदन करता है जो कि प्रशासन को करना चाहिए और प्रशासन को सूचित करने के बाद प्रशासन कार्यवाही न करते हुये समाजसेवी को इन सब मामलों में न पड़ने की सलाह देती है. इन सब मामलो में यह उजागर होता है कि पुलिसिया कार्यवाई में शिथिलता बरती जा रही है. हालाँकि इस मामले में उक्त समाजसेवी द्रारा बेतिया जिला कप्तान निताशा गुड़िया को सूचना देने पर, उनके द्रारा छापेमारी करवाने का आश्वासन दिया गया है. एवं त्वरित कार्यवाई करते शिकारपुर पुलिस को निर्देश देते हुए उक्त जगह पर छापेमारी की गई है, इस कार्यवाई को देखते हुए कारोबारियों में हडकंप मचा दिखा।


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