शादियों पर कोरोना वायरस का साया, सात फेरों में बना बाधा

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 हाजीपुर। विश्व में फैली कोरोना महामारी को लेकर भारत में 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने के बाद असर जिले में तय शादी विवाह सहित अन्य आयोजनों  पर पड़ने लगा है। पुरोहितों द्वारा तय शुभ मुहूर्त भी अब शादी के बीच कोरोना जैसी फैली बीमारी दूल्हे- दुल्हन के लिए अशुभ साबित हो रहा है।ऐसे में कुछ दूल्हे तो दिल्ली, राजस्थान, तामिलनाडु, बैंगलोर, रांची जैसे शहरों में लॉकडाउन में फंसा हुआ है, जबकि दुल्हन बिहार में है ।लॉकडाउन के कारण दूल्हा अपने घर बिहार नहीं आ सकता इसलिए परिवार वालों ने यह शादी टाल दी हैं । हालांकि कई शादियों की तिथि तो तय थी उसके अनुसार तैयारियों में जुटे थे। लेकिन कोरोना संक्रमण से उत्पन्न इस विकट स्थिति में वर वधु दोनों पक्ष के लोग शादी की तिथियों को बढाकर नवंबर दिसंबर में शादी की तिथि तय करने का मन बनाए हुए हैं । यह तो एक उदाहरण मात्र है ऐसी कई शादियां है जिन्हें कोरोना ने भारत में रोक दी है ।  यही हाल पूरे बिहार और देश का है । गौरतलब हो कि 16 अप्रैल से विवाह का लगन शुरू हो रहा है । आचार्य नंदकिशोर झा ने बताया है कि इस मास 13 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही 15 अप्रैल से 13 दिसम्बर के बीच कुल 40 वैवाहिक शुभ लग्न मुहूर्त है । 15 अप्रैल से लेकर 13 दिसम्बर तक कुल 40 लग्न मुहूर्त है। खरमास खत्म होते ही हिंदुओ की शुभ कार्य जैसे शादी-विवाह, उपनयन, मुंडन, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य होने को है। जिसमें 15 से होनेवाली शादी-विवाह, उपनयन अन्य सामारोह के लिए टेंट, हलुआइ, बैंड बाजा सटा ब्याना तय था। कुछ का तो शादी विवाह  के लिए मोटी- मोटी शब्दों मे दूल्हे- दुल्हन का नाम की कार्ड भी छपकर रिस्तेदारों को यहां निमंत्रण पहुंच चुकी थी। लेकिन तय शादी के तिथि के बीच कोरोना जैसा घातक बीमारी दूल्हे-दुल्हन  के फेरों में बाधा बन गया है। शादी विवाह की सारे व्यवस्था करने के बाद भी लड़का- लड़की पक्ष के लोग इधर से शादी के तिथि बढ़ाकर दिसंबर माह में करने मन बनाए है। इधर लॉकडाउन के चलते शादी विवाह होने के बावजूद पंडित जी, टेंट व्यबसाइ, हलुआइ, डेकोरेशन, बैंड बाजा  बाले खाली बैठे है। दो माह पूर्व हुए साटा ब्याना कैंसल करना पड़ रहा है। पुरोहितों को माने तो लॉकडाउन के बाद क लग्न में शादी विवाह की जबरदस्त धूम रहेगी। जिले के प्रसिद्ध आचार्यो का कहना है कि लोग अपनी सुविधा अनुसार शादियों की तिथियां बढ़ाने के लिए लगातार उनलोगो से संपर्क कर रहे है । जिन्हे मुहूर्त के अनुसार उचित सलाह दी जा रही है । कोरोना संक्रमण के कारण शादी ब्याह सहित अन्य मांगलिक आयोजनों की तिथि बढाना सचमुच आयोजकों के लिए भी लाजिमी हो गया है। वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल सहित आसपास के इलाके मे इन दिनों वर वधू-पक्ष के लोगों को लगातार आचार्यो के संपर्क में देखा जा रहा है।

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